8 January 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

प्रधानमंत्री ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के रेवाड़ी-मदार खंड को राष्ट्र को समर्पित किया

  • प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 7 जनवरी 2021 को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Western Dedicated Freight Corridor-WDFC) के 306 किलोमीटर लंबे रेवाड़ी-मदार खंड (Rewari-New Madar Section) को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्र को समर्पित किया।
  • यह खंड हरियाणा (Haryana) राज्य में (महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर) और राजस्थान (Rajasthan) राज्य में (लगभग 227 किलोमीटर जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों में) बनाया गया है।
  • WDFC का लगभग 40% भाग राजस्थान में और लगभग 250 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा राज्य में है।
  • इस खंड में 16 प्रमुख पुल और सेतु (1 सेतु और 15 प्रमुख पुल), 269 छोटे पुल, 4 रेल फ्लाई ओवर, 22 रोड ओवर ब्रिज और 177 रोड अंडर ब्रिज बनाये गए हैं, इनके बनने से 148 लेवल क्रॉसिंग खत्म हुई हैं।
  • इस खंड में 9 नव निर्मित डीएफसी स्टेशन हैं, इसमें छह क्रॉसिंग स्टेशन (यानी न्यू डाबला, न्यू भगेगा, न्यू श्री माधोपुर, न्यू पचार मलिकपुर, न्यू साखून और न्यू किशनगढ़) और तीन जंक्शन स्टेशन (यानी न्यू रेवाड़ी, न्यू अटेली, और न्यू फुलेरा) हैं।
  • अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन से चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी (दुनिया की पहली डबल स्टैक लांग हॉल-World’s 1st Double Stack Long Haul) कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
  • अटेली से न्यू किशनगढ़ रेल ट्रैक देश का पहला इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन है। जहां पर एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर लेकर मालगाड़ी जा सकती है। रेल रूट पर बिजली के तार काफी ऊपर लगे हैं। अन्य रेल लाइनों पर तार नीचे होते हैं।
  • मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) 21 वीं सदी में भारत के लिए गेम चेंजर परियोजना साबित होगी।
  • इस योजना के तहत कुल 1504 किमी का ट्रैक तैयार होना है, जो दादरी से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह तक जाएगा।
  • हरियाणा से 177 किमी, राजस्थान से 566 किमी, गुजराज से 565 किमी, महाराष्‍ट्र से 177 किमी और उत्तर प्रदेश से 18 किमी ट्रैक निकलेगा।

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त

  • उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhad High Court) के न्यायाधीश सुधांशु धूलिया (Sudhanshu Dhulia) को 7 जनवरी 2021 को प्रोन्नत कर गुवाहाटी उच्च न्यायालय (Gauhati High Court) का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बनाया गया है।
  • उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के कॉलेजियम ने हाल में इस पद पर उनके नाम की अनुशंसा की थी।
  • न्यायमूर्ति धूलिया की गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के साथ ही देश में अब सभी 25 उच्च न्यायालयों में नियमित मुख्य न्यायाधीश हो गए हैं।
  • पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab & Haryana High Court) के न्यायमूर्ति एस मुरलीधर (S. Muralidhar) को हाल में प्रोन्नत कर ओडिशा उच्च न्यायालय (Odisha High Court) का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
  • दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) की न्यायमूर्ति हिमा कोहली (Hima Kohli) को प्रोन्नत कर तेलंगाना उच्च न्यायालय (Telangana High Court) का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। हिमा तेलंगाना उच्‍च न्‍यायालय में पहली महिला न्‍यायाधीश है।
  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल (Pankaj Mithal) को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के साझा उच्च न्यायालय (Jammu Kashmir & Ladakh High Court) का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) के औद्योगिक विकास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना को मंजूरी दी

  • जम्मू-कश्मीर में 28,400 करोड़ रुपए की नई औद्योगिक विकास योजना (Industrial Development Scheme) की घोषणा की गई है।
  • इस योजना का उद्देश्‍य राज्य में निवेश, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, जम्मू-कश्मीर के ब्लॉक स्तर और दूरदराज के इलाकों तक औद्योगिक विकास करना है।
  • जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, यह योजना अधिसूचना जारी होने की तारीख से लेकर 2037 तक के लिए है और इसका कुल खर्च 28,400 करोड़ रुपए है।
  • यह योजना नए निवेश को प्रोत्साहित करेगी और साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा उद्योगों को भी बढ़ावा देगी।
  • यह क्षेत्र के समान, संतुलित और स्थाई सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए 4.5 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगी।
  • जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए नई औद्योगिक योजना के तहत पूंजी निवेश के लिए प्रोत्साहन, पूंजीगत ब्याज पर अनुदान, जीएसटी से जुड़ी प्रोत्साहन राशि और कार्यशील पूंजी के ब्याज पर अनुदान जैसी राहत दी जाएंगी।
  • नई योजना के तहत कृषि, बागवानी, रेशम उद्योग, मछली एवं पशुपालन सहित डेयरी उद्योग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

लद्दाख (Ladakh) की संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए समिति

  • केंद्र सरकार ने लद्दाख (Ladakh) की भाषा, संस्कृति और जातीयता के संरक्षण तथा भूमि, नौकरियों और विकास परियोजनाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
  • इस समिति में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (Ladakh Autonomous Hill Development Council-LAHDC), केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • ज्ञात हो कि लद्दाख, जो कि पूर्व में जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था, को केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में एक अलग केंद्रशासित प्रदेश में परिवर्तित कर दिया गया था।
  • अपनी कठोर जलवायु परिस्थितियों के लिये प्रसिद्ध लद्दाख भारत के प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में से एक है।
  • लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, लेह (लद्दाख ऑटोनोमस हिल डवलपमेंट काउन्सिल, लेह) (LAHDC) एक स्वायत्त पहाड़ी परिषद है जिसके अधीन भारत के उत्तरतम राज्य जम्मू और कश्मीर, के लेह जिले का क्षेत्र प्रशासन है।
  • लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद एक्‍ट 1995 के तहत LAHDC की स्‍थापना की गई।

डॉ.राज अय्यर बने अमेरिकी सेना के पहले भारतवंशी मुख्य सूचना अधिकारी

  • भारतीय-अमेरिकी डॉ. राज अय्यर (Dr Raj Iyer) ने अमेरिकी सेना (US Army) के पहले मुख्य सूचना अधिकारी (Chief Information Officer-CIO) के रूप में पदभार संभाला है।
  • यह पद अमेरिकी रक्षा विभाग में सबसे उच्च रैंकिंग वाले नागरिक पदों में से एक है, जिसे जुलाई 2020 में सृजित किया गया था।
  • डॉ. राज अय्यर अमेरिकी सेना के सूचना प्रौद्योगिकी कार्यों से संबंधित 16 बिलियन डॉलर के वार्षिक बजट का पर्यवेक्षण करेंगे। वे 100 से अधिक देशों में तैनात 15,000 से अधिक नागरिक और सैन्यकर्मी उनके अधीन कार्य करेंगे।
  • साथ ही डॉ. राज अय्यर चीन और रूस जैसे अमेरिका विरोधी देशों के खिलाफ डिजिटल बढ़त प्राप्त करने के लिए अमेरिकी सेना के आधुनिकीकरण से संबंधित नीतियों व कार्यक्रमों को भी निर्देशित करेंगे।
  • डॉ. राज अय्यर अमेरिकी सेना (US Army) के सचिव के प्रधान सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे थे और उनका प्राथमिक कार्य सूचना प्रबंधन/सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से संबंधित मामलों में सचिव को सलाह देना था।
  • मूल रूप से तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के निवासी और बंगलूरू में पले-बढ़े डॉ. राज अय्यर ने उच्च अध्ययन के लिए अमेरिका जाने से पूर्व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (National Institute of Technology-NIT) त्रिची से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

पाकिस्तान ने देश में विकसित रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण किया

  • पाकिस्तान ने देश में विकसित रॉकेट प्रणाली का 7 जनवरी 2021 को सफल प्रायोगिक परीक्षण किया।
  • अधिकतम 140 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम यह ‘गाइडेड मल्टी लॉन्‍च रॉकेट सिस्टम’ (Guided Multi Launch Rocket System) अपने साथ पारंपरिक आयुध ले जाने में सक्षम है।
  • ‘फतह-1’ (Fatah-1) नाम की यह प्रणाली 140 किलोमीटर की दूरी तक के ठिकानों तक पहुंच सकती है।
  • यह पाकिस्तानी सेना को दुश्मन क्षेत्र में अंदर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम बनाएगी।

क्लेयर पोलोसक (Claire Polosak) पुरुषों के टेस्ट मैच में अंपायरिंग करने वाली पहली महिला बनी

  • भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी तीसरे टेस्ट मैच में ‘फोर्थ अंपायर’ के रूप में शामिल होने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की क्लेयर पोलोसक (Claire Polosak) पुरुषों के टेस्ट मैच में अंपायरिंग करने वाली पहली महिला बन गई हैं।
  • 32 वर्षीय क्लेयर पोलोसक (Claire Polosak) ने इससे पूर्व ICC के डिविज़न 2 में नामीबिया और ओमान के बीच 2019 में विंडकॉक में खेले गए पुरुष वनडे मैच में पहली महिला ऑन-फील्ड अंपायर होने का सम्मान भी हासिल किया था।
  • टेस्ट मैचों से संबंधित ICC नियमों के अनुसार, ‘फोर्थ अंपायर’ के रूप में घरेलू क्रिकेट बोर्ड द्वारा ICC अंपायरों के अंतरराष्‍ट्रीय पैनल में से किसी एक व्यक्ति को नियुक्त किया जाता है।
  • ‘फोर्थ अंपायर’ के कार्यों में नई गेंद लाना, लाइट मीटर में बैटरी की जांच करना, लंच के दौरान पिच का अवलोकन करना ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी हस्तक्षेप के कारण खेल न रुके।
  • साथ ही ‘फोर्थ अंपायर’ आवश्यकता पड़ने पर मैच के ‘थर्ड अंपायर’ का स्थान भी ले सकता है।

कज़ाख्स्तान (Kazakhstan) में मृत्युदंड की समाप्ति

  • हाल ही में कज़ाख्स्तान (Kazakhstan) के राष्ट्रपति ने नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्‍ट्रीय नियम (ICCPR) के दूसरे वैकल्पिक प्रोटोकॉल की पुष्टि करने संबंधी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए है।
  • इसके साथ ही कज़ाख्स्तान में मौत की सज़ा को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।
  • ज्ञात हो कि कज़ाख्स्तान (Kazakhstan) में फांसी की सज़ा पर 2003 में रोक लगा दी गई थी, किंतु इसके बावजूद न्यायालयों द्वारा कुछ विशिष्ट मामलों जैसे- ‘आतंकी कृत्यों’ में दोषियों को मौत की सज़ा दी जा रही थी, जिसे अब पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
  • कज़ाख्स्तान में आजीवन कारावास को 2004 में वैकल्पिक सज़ा के रूप में पेश किया गया था।
  • नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्‍ट्रीय नियम (ICCPR) को 1966 में अपनाया गया और 1976 से लागू किया गया, इसे अब तक कुल 173 देशों द्वारा स्वीकृति दी गई है।
  • इससे संबंधित दूसरे वैकल्पिक प्रोटोकॉल, जो कि मृत्युदंड के उन्मूलन से संबंद्ध है, को 15 दिसंबर, 1989 को अपनाया गया था और यह वर्ष 1991 में लागू हुआ।
  • इस प्रोटोकॉल के तहत सभी देश मृत्युदंड की सज़ा का प्रावधान नहीं करेंगे और अपने क्षेत्राधिकार में उसे समाप्त करने का प्रयास करेंगे। प्रोटोकॉल के अंतर्गत मृत्युदंड की अनुमति केवल युद्ध काल में होगी।

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