6 February 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

एचएएल (HAL) ने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक को पांच एएलएच एमके III (ALH MK-III) सौंपे

  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited-HAL) ने 5 फरवरी 2021 को भारतीय नौसेना (Indian Navy) को तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके III और भारतीय तटरक्षक (Indian Coast Guard) को दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) सौंपे हैं।
  • HAL ने ये हेलीकॉप्‍टर बेंगलुरु (Bengaluru) के वायु सेना स्टेशन येहलंका में चल रहे एयरो इंडिया 2021 के दौरान अपने 16 एएलएच अनुबंध के भाग के तौर पर सौंपे है।
  • इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल तटीय सुरक्षा के लिए किया जाएगा।
  • भारतीय नौसेना ने अपने मौजूदा बेड़े को बदलने के लिए 16 एमके III उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर का आर्डर दिया था।
  • एएलएच एमके III (ALH MK-III) एडवांस्ड सेंसर, फुल ग्लास कॉकपिट, लेटेस्ट-जेनरेशन एवियोनिक्स, लो -फ्रीक्वेंसी डंकिंग सोनोट सिस्टम आदि से लैस है।
  • इसमें एक शक्तिशाली इंजन ‘शक्ति’ और लक्ष्य का पता लगाने के लिए सिंथेटिक एपर्चर रडार है।
  • यह 270 डिग्री के कवरेज के एक निगरानी रडार प्रणाली से सुसज्जित है। यह कई समुद्री लक्ष्यों का पता लगा सकता है और उन्हें ट्रैक कर सकता है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited-HAL)
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) एक राज्य के स्वामित्त्व वाली भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है।
  • इसकी स्थापना बेंगलुरु में 23 दिसंबर 1940 को वालचंद हीराचंद ने हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड के रूप में की थी।
  • द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के दौरान मार्च 1941 में सरकार ने कंपनी की एक-तिहाई हिस्सेदारी खरीद ली और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जनवरी 1951 में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड को रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में ले लिया गया।
  • इसके बाद अक्‍टूबर 1964 में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड का नवगठित एयरोनॉटिक्स इंडिया लिमिटेड के साथ विलय कर दिया गया और इस तरह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अस्तित्त्व में आया।
  • इसका मुख्यालय बेंगलुरु (Bengaluru) में स्थित है।

एलईडी लाइट और एसी के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी

  • व्यय वित्त समिति ने 5 फरवरी 2021 को पीएलआई स्कीम (Production Linked Incentive-PLI Scheme) के तहत एलईडी और एसी को प्रोत्साहन देने का वाणिज्य मंत्रालय का प्रस्ताव मंजूर कर लिया।
  • इससे इनकी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी।
  • नवंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत इन दोनों क्षेत्रों- एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट के लिए 6,238 करोड़ रुपए मंजूर किए थे।
  • इस योजना का मकसद भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
  • योजना के तहत 2019-20 बेस इयर के दौरान भारत में निर्मित और इस सेगमेंट के सामान की बिक्री बढ़ने पर 4-6 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • पीएलआई स्कीम पांच वर्षों के लिए है, जिसके दायरे में 13 सेक्टर आएंगे और 1.97 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत आने वाले स्कूलों के नाम सुभाष चंद्र बोस के नाम पर होगा

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ‘समग्र शिक्षा अभियान’ (Samagra Shiksha Abhiyan) के तहत आने वाले स्कूलों एवं छात्रावासों का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Boss) के नाम पर रखने का फैसला किया गया है।
  • मंत्रालय के अनुसार, इन विद्यालयों का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा जाना बच्चों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
  • इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रशासन को भी उत्कृष्टता के उच्च मानकों को प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।
  • समग्र शिक्षा के तहत शिक्षा मंत्रालय पहाड़ी, छोटे और कम आबादी वाले क्षेत्रों में आवासीय विद्यालय और छात्रावास स्थापित करने और इनका संचालन करने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • ये आवासीय विद्यालय और छात्रावास उन बच्चों के लिए होते हैं, जिन्हें नियमित विद्यालयों के प्रावधान के अतिरिक्त आश्रय और देखभाल की जरूरत होती है।
  • अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 383 आवासीय विद्यालयों और 680 छात्रावासों को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत जोमाटो (Zomato) के साथ एक समझौता किया

  • प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वानिधि स्कीम (PM Swanidhi Scheme) के तहत शहरी विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन फूड आर्डर और होम डिलिवरी करने वाली कंपनी जोमाटो (Zomato) के साथ करार किया है।
  • बता दें कि सरकार स्विगी (Swiggy) के साथ पहले ही करार कर चुकी है।
  • केंद्र सरकार और Swiggy, Zomato के बीच हुए करार के बाद स्ट्रीट वेंडर्स खाने पीने के सामान का ऑनलाइन ऑर्डर लेने के बाद होम डिलिवरी कर सकेंगे।
  • इससे जहां एक तरफ मंदी की मार झेल रहे इस सेक्टर को जीवनदान मिलेगा। वहीं, स्ट्रीट फूड के शौकीन घर बैठे इनका स्‍वाद ले सकेंगे।
  • जोमैटो ने कहा कि वह छह शहरों में 300 फूड वेंडर्स को ट्रेनिंग देने के साथ इस योजना की शुरुआत करेगी। योजना के शुरू होने से कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
  • फिलहाल यह योजना भोपाल, नागपुर, पटना, वडोदरा, नागपुर और लुधियाना में शुरू होगी। पहले चरण के सफल होने के बाद जोमैटो इसे 125 शहरों में शुरू करेगी और पूरे भारत में स्‍ट्रीट फूड वेंडर्स को प्रशिक्षण देगी।
  • पीएम स्‍वनिधि योजना के तहत वेंडर 10,000 रुपए का कर्ज वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर ले सकते हैं। इसे 1 साल में मासिक किस्‍तों में चुकाना होगा।
  • अगर समय पर कर्ज चुकाया जाता है तो वेंडर के बैंक खाते में सालाना 7 फीसदी सब्सिडी तिमाही आधार पर जमा कर दी जाएगी।

माजुली में राज्य के पहले हेलीपोर्ट का किया उद्घाटन

  • मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) ने हाल ही में माजुली जिले के केरेलागांव में राज्य के पहले हेलीपोर्ट (Heliport) का उद्घाटन किया।
  • इस हेलीपोर्ट (Heliport) में तीन हेलीकॉप्टरों की एक साथ लैंडिंग की जा सकेगी।
  • इसका निर्माण में 50 लाख रुपए की लागत आई है। इसका निर्माण राज्य सरकार के अनटाइड फंड (Untied Fund) के तहत किया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले एक अतिथि गृह का भी उद्घाटन किया।

फ्रेंच सेलर क्रीमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड; 44 हजार किमी की रेस सबसे कम 87 दिन में पूरी करने वाली महिला बनीं

  • फ्रांस की सेलर क्लेरीसे क्रीमर (French sailor Clarisse Cremer) ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। वे वेंडी ग्लोब रेस (Vendée Globe race) सबसे कम समय में पूरी करने वाली सोलो महिला सेलर बन गई हैं।
  • यह नॉन-स्टॉप राउंड द वर्ल्ड यॉट रेस 24 हजार नॉटिकल मील (करीब 44 हजार किमी) की होती है।
  • 31 साल की क्रीमर ने यह रेस 87 दिन 2 घंटे 24 मिनट 25 सेकंड में पूरी की।
  • उन्होंने इंग्लैंड की एलेन मैकआर्थर का रिकॉर्ड 7 दिन से तोड़ा।
  • एलेन ने 2001 में रेस 94 दिन 4 घंटे में पूरी की थी। क्रीमर इस रेस में ओवरऑल 12वें नंबर पर रहीं।
  • यह रेस फ्रांस के यानिक बेस्तावेन ने जीती। यह वेंडी ग्लोब रेस का नौवां सीजन है, जो 8 नवंबर को शुरू हुआ था। इसमें 33 सेलर ने हिस्सा लिया था।
  • यह काफी कठिन रेस होती है। इसमें सेलर को खराब मौसम और काफी लंबे समय तक अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। इसलिए इसे ‘एवरेस्ट ऑफ द सी यानी समंदर का एवरेस्ट’ कहा जाता है।

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