5 January 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

प्रधानमंत्री ने एटॉमिक टाइम स्केल राष्ट्र को समर्पित किया, सेकेंड का अरबवां हिस्सा माप सकता है देश

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 4 जनवरी 2021 को नेशनल मेट्रोलॉजी कॉन्क्लेव 2021 (National Metrology Conclave 2021) के दौरान ‘नेशनल एटोमिक टाइमस्केल’ और ‘भारतीय निर्देशक द्रव्य प्रणाली’ राष्ट्र को समर्पित की।
  • इस कॉन्क्लेव का आयोजन काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च-नेशनल फिज़िकल लेबोरेटरी (CSIR-NPL), नई दिल्ली द्वारा अपनी स्थापना के 75वें वर्ष के अवसर पर किया गया था।
  • National Atomic Timescale भारतीय मानक समय को 2.8 नैनो सेकंड की सटीकता के साथ देता है। यानी देश अब सेकेंड का अरबवां हिस्सा भी सटीकता के साथ मापने में सक्षम हो गया है।
  • भारतीय निर्देशक द्रव्‍य प्रणाली (Bharatiya Nirdeshak Dravya Pranali) ‘प्रमाणीकृत रैफरेंस मैटीरियलस सिस्‍टम’ के जरिए भारी धातुओं, कीटनाशकों, औषध और कपड़ा उद्योग क्षेत्र को गुणवत्‍तापूर्ण उत्‍पाद तैयार करने में मदद करेगा।
  • इस दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला (National Environmental Standards Laboratory) की आधारशिला भी रखी।
  • CSIR-NPL भारत का राष्ट्रीय मापन संस्थान है और भारतीय मानक समय (IST) को स्पष्ट करने तथा इसे बनाए रखने के लिये अधिकृत (संसद के एक अधिनियम द्वारा) है।

NIIST के वैज्ञानिकों नेनेंद्रन केला से एक नया उत्पाद केला ग्रिट विकसित किया

  • वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific & Industrial Research- CSIR)- अंतःविषय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय संस्थान (National Institute for Interdisciplinary Science and Technology- NIIST) के वैज्ञानिकों ने नेंद्रन केला से एक नया उत्पाद केला ग्रिट/ग्रैन्यूल्स (Banana Grit/Granules) विकसित किया है।
  • केला ग्रिट और इससे संबंधित उत्पाद पेट संबंधी रोगों के उपचार में सहायक हो सकते हैं तथा एक स्वस्थ आहार के आदर्श घटक हैं। यह अवधारणा केले में प्रतिरोधी स्टार्च की उपस्थिति का उपयोग करने के लिए प्रस्तुत की गई थी।
  • स्टार्च एक सफेद, दानेदार, कार्बनिक रसायन है जिसका निर्माण सभी प्रकार के हरे पौधों द्वारा होता है। यह एक नरम, स्वादहीन पाउडर है जो ठंडे पानी, एल्कोहल या अन्य विलायकों में अघुलनशील होता है।
  • मनुष्यों और अन्य जानवरों द्वारा पौधों से प्राप्त स्टार्च अपने घटक शुक्रोज अणुओं में टूट जाता है तथा उसके बाद ऊतकों को ऊर्जा की आपूर्ति करता है।
  • नेंद्रन केला (Nendran Bananas) को चेंगाज़िकोडे केला के रूप में भी जाना जाता है, केरल के त्रिशूर जिले में सबसे लोकप्रिय पारंपरिक फलों में से एक है।
  • नेंद्रन केले की यह किस्म इसके विशिष्ट स्वाद, गुच्छे के आकार और रंग के लिए प्रसिद्ध है। इस फसल की खेती मुख्य रूप से जैविक तरीके से की जाती है और फसल की अवधि 13-14 माह है।
  • केरल में उगाए जाने वाले चेंगाज़िकोडे नेंद्रन केले को 2014 में भौगोलिक संकेत टैग (Geographical Indication– GI) दिया गया था।
  • ‘कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority- APEDA) के अनुसार, जीआई टैग को अंतरराष्‍ट्रीय बाज़ार में एक ट्रेडमार्क की तरह देखा जाता है।
  • जीआई टैग ऐसे कृषि, प्राकृतिक या एक निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन देता है, जो एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होता है और जिसके कारण इसमें अद्वितीय विशेषताओं और गुणों का समावेश होता है।

अमेरिका में मलाला यूसुफजई छात्रवृत्ति अधिनियम पारित

  • अमेरिकी कांग्रेस ने मलाला यूसुफजई छात्रवृत्ति विधेयक पारित किया है। अमेरिकी कांग्रेस से पारित होने के बाद इस अधिनियम को अमेरिकी राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा गया है।
  • इस विधेयक के माध्यम से ‘यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डवलपमेंट’ (United States Agency for International Development-USAID) के पाकिस्तान में चलाए जा रहे ‘मैरिट एंड नीड-बेस्ड’ कार्यक्रम के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पाकिस्तानी महिलाओं को दी जाने वाली छात्रवृत्तियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
  • इस विधेयक के अनुसार,’यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट’ के लिये यह अनिवार्य है कि वह 2020 से 2022 के मध्य पाकिस्तान संबंधी उच्चतर शिक्षा छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत मौजूदा मापदंडों के अनुरूप कम-से-कम 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति पाकिस्तान की महिलाओं को प्रदान करे।
  • विधेयक के अनुसार, USAID द्वारा अमेरिका में मौजूदा पाकिस्तानी आप्रवासियों और निजी क्षेत्र में कार्यरत पाकिस्तानी लोगों से इस कार्यक्रम के संबंध में सलाह ली जाएगी और उन्हें इसमें यथासंभव निवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि पाकिस्तान में शिक्षा कार्यक्रमों तक महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
  • ज्ञात हो कि 10 अक्‍टूबर 2014 को पाकिस्तान की मलाला युसुफजई (Malala Yousafzai) को ‘बच्चों और महिलाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए भारतीय बाल अधिकार कार्यकर्त्ता कैलाश सत्यार्थी Kailash Satyarthi के साथ संयुक्त तौर पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

मध्य प्रदेश में Trifood Park पार्क की स्थापना की जाएगी

  • आदिवासियों (वनवासियों और कारीगरों) की आजीविका में सुधार लाने तथा जनजातीय सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत ट्राइफेड Tribal Cooperative Marketing Development Federation (TRIFED) और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 5 ज़िलों में ट्राइफूड (जनजातीय खाद्य) पार्क की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • ट्राइफूड पार्क (Trifood Park) एक प्रकार का खाद्य प्रसंस्करण केंद्र हैं, जिनका लक्ष्य लघु वनोपज को बढ़ावा देना है।
  • ट्राइफूड पार्क में स्थानीय वन धन केंद्रों से कच्चे माल की खरीद की जाती है और उन्हें ट्राइब्स इंडिया के आउटलेट के माध्यम से देश भर में बेचने के लिए प्रसंस्कृत किया जाता है।
  • 1987 में गठित भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED) जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत राष्ट्रीय स्तर का एक शीर्ष संगठन है, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • इस संगठन का प्राथमिक उद्देश्य जनजातीय लोगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।

अंटार्कटिका (Antarctica) में 40वें भारतीय वैज्ञानिक अभियान का शुभारंभ

  • भारत ने 4 जनवरी 2021 को अंटार्कटिका (Antarctica) में 40वां वैज्ञानिक अभियान शुरू किया है। इसके साथ ही अंटार्कटिका में भारत के वैज्ञानिक अभियान के चार दशक पूरे हो गए हैं।
  • इस अभियान के 43 सदस्‍यों वाले दल को गोवा तट से रवाना किया गया। चार्टर्ड आइस-क्लास पोत एमवी वासिली गोलोवनिन (MV Vasiliy Golovnin) में सवार यह दल 30 दिन में अंटार्कटिका पहुंचेगा।
  • 43 में से 40 सदस्यों को वहां छोड़ने के बाद यह पोत अप्रैल में भारत वापस लौटेगा। साथ ही यह पोत वहां पहले से मौजूद वैज्ञानिक दल को भी भारत वापस लाएगा।
  • राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र (National Centre for Polar and Ocean Research-NCPOR) संपूर्ण भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम का प्रबंधन करता है।
  • NCPOR के अनुसार यह अभियान जलवायु परिवर्तन, भू-विज्ञान, समुद्री अवलोकन, विद्युत एवं चुंबकीय प्रवाह मापन, पर्यावरण की निगरानी आदि से संबंधित वैज्ञानिक परियोजनाओं में सहयोग करने तक ही सीमित है; साथ ही यह वहां मौजूद वैज्ञानिकों के लिए भोजन, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने में भी मदद करेगा।
  • भारतीय अंटार्कटिक अभियान की शुरुआत 1981 में हुई जिसमें डॉ. एस.ज़ेड. कासिम के नेतृत्व में 21 वैज्ञानिकों और सहायक कर्मचारियों का समूह शामिल था।
  • वर्तमान में अंटार्कटिका में भारत के तीन स्थायी अनुसंधान बेस हैं- दक्षिण गंगोत्री, मैत्री और भारती, जिनमें से मैत्री और भारती संचालित हैं।

भारतीय सेना की मानवाधिकार सेल में मेजर जनरल गौतम चौहान ने प्रथम अतिरिक्त महानिदेशक (मानवाधिकार) का पदभार संभाला

  • मेजर जनरल गौतम चौहान (Major General Gautam Chauhan) ने भारतीय सेना की मानवाधिकार सेल के प्रथम अतिरिक्त महानिदेशक (मानवाधिकार) का पदभार संभाल लिया है।
  • मेजर जनरल गौतम चौहान भारतीय सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सैनी के नेतृत्त्व में कार्य करेंगे।
  • भारतीय सेना की मानवाधिकार सेल सेना के अंतर्गत किसी भी प्रकार की मानवाधिकार उल्लंघन रिपोर्ट की जांच करने के लिए एक नोडल बिंदु के तौर पर कार्य करेगी।
  • गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने अगस्त 2019 में ही मानवाधिकार सेल गठित करने की मंज़ूरी दे दी थी।
  • मानवाधिकार सेल की कार्यपद्धति में पारदर्शिता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिये कि सेल के पास आवश्यक विशेषज्ञता उपलब्ध है, SSP/SP रैंक के एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी।
  • मानवाधिकार सेल द्वारा सेना के अंतर्गत मानवाधिकार उल्लंघन की जांच करने के लिए आवश्यक तंत्र विकसित किया जाएगा। इस नए सेल का गठन मानवाधिकार के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को प्रकट करता है।

किरेन रिजिजू ने नॉर्थ-ईस्ट का पहला खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल लॉन्च किया

  • केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने 4 जनवरी 2021 को शिलांग (Shillong) में असम राइफल्स पब्लिक स्कूल (Assam Rifles Public School) का एक खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में शुभारंभ किया।
  • वर्तमान में देशभर में 9 स्पोर्ट्स स्कूलों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 5 का प्रबंधन रक्षा एवं अर्ध-सैनिक बलों द्वारा किया जाता है।
  • असम राइफल्स पब्लिक स्कूल (Assam Rifles Public School) पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेलो इंडिया योजना के तहत घोषित होने वाला पहला स्पोर्ट्स स्कूल है।
  • अब सरकार इस स्कूल के खेल से जुड़े प्रतिभाशाली छात्रों के रहने, खाने, शिक्षा खर्च, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, बीमा एवं चिकित्सा, खेल संबंधी प्रशिक्षण एवं सहायता, प्रशिक्षकों एवं सहायक कर्मचारियों के वेतन, खेल उपकरण और अन्य संबद्ध कार्यों का खर्च वहन करेगी।
  • खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल का उद्देश्य शिक्षा के साथ खेल का समन्वय करना है और इस प्रक्रिया में देश में खेलों काविकास करना और एथलीटों के प्रदर्शनएवं दृष्टिकोण में समग्र सुधार करना है।
  • इस स्कूल के लिए निर्धारित किए गए विषयों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तलवारबाजी है, जिनमें प्रथम वर्ष के लिए कुल 100 एथलीटों को (लड़कों और लड़कियों को बराबर अनुपात में) शामिल किया जाएगा।

बेंगलुरू रेलवे स्टेशन से केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे तक पहली ट्रेन सेवा शुरू

  • कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरू (Bengaluru) के रेलवे स्टेशन से केंपेगोड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे तक 4 जनवरी 2021 को पहली ट्रेन सेवा शुरू हो गई है।
  • इस ट्रेन में रेलवे स्टेशन से हवाई अड्‌डे तक का किराया महज 15 रुपए है। यह ट्रेन फिलहाल सप्ताह में छह दिन चलेगी। रविवार को इसकी सेवाएं बंद रहेगी।
  • इस ट्रेन के शुरू होने से पहले तक हवाई अड्‌डा (Airport) पहुंचने के लिए लोगों के पास दो ही साधन थे। पहला- विशेष वातानुकूलित बस ‘वायुवर्जा, जिसमें 270 रुपए किराया है। दूसरा- निजी टैक्सी, जिसमें 700 से 1,200 रुपए तक किराया लिया जाता है।

विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day)

  • दुनिया भर में ब्रेल (Braille) लिपि के महत्त्व को रेखांकित करने के लिए प्रतिवर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) का आयोजन किया जाता है।
  • ब्रेल (Braille) नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए प्रयोग की जाने वाली एक पद्धति होती है।
  • यह दिवस ब्रेल लिपि के जनक फ्रांस के लुई ब्रेल (Louis Braille) की जयंती को चिह्नित करता है, जिन्होंने 1824 में ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था।
  • लुई ब्रेल का जन्म 4 जनवरी 1809 को फ्रांस के एक गांव में हुआ था और बहुत कम आयु में ही एक दुर्घटना के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई, जिसके बाद उन्होंने 15 वर्ष की आयु में ब्रेल लिपि का आविष्कार किया।
  • 1824 में बनी इस लिपि को वर्तमान में दुनिया के लगभग सभी देशों में मान्यता मिल चुकी है।
  • विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने नवंबर 2018 में की थी।
  • इसका उद्देश्य आम लोगों के बीच ब्रेल लिपि के बारे में जागरूकता पैदा करना है। विश्व ब्रेल दिवस शिक्षकों, सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों को नेत्रहीन एवं दृष्टिबाधित लोगों के समक्ष मौजूद चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।

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