3 September 2020 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2020)

भारत ने पबजी समेत 118 एप बैन किए, अब तक 224 चीनी एप पर लग चुकी है पाबंदी

  • पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ की कोशिश से चल रहे तनाव के बीच भारत ने 2 सितंबर 2020 को मोबाइल गेम पबजी (PUBG) समेत चीन के 118 मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, ये एप्‍स भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।
  • एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कई मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं का डेटा चुरा रहे थे और भारत से बाहर लोकेशंस पर अव्यवस्थित तरीके से भेज रहे थे।
  • इससे पहले जून अंत में भारत ने टिकटॉक समेत चीन के 47 एप्स पर प्रतिबंध लगाया था और उसके बाद जुलाई अंत में 59 चीनी एप्स प्रतिबंधित किए थे। इन्हें मिलाकर अब तक 224 चीनी मोबाइल एप पर रोक लग चुकी है।
  • पबजी के भारत में 5 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से लगभग 3.5 करोड़ सक्रिय हैं।
  • डेटा एनालिटिकल फर्म सेंसर टॉवर के मुताबिक पबजी का इस साल के छह महीने में ही राजस्व 9,700 करोड़ रुपए के करीब रहा।
  • इसके साथ उसका अब तक का कुल राजस्व 22 हजार करोड़ रुपए पार कर गया।
  • इसमें सबसे बड़ा योगदान भारत का रहा, क्योंकि दुनिया में 17.5 करोड़ डाउनलोड में से सबसे ज्यादा यहीं से हुए।

केंद्रीय कैबिनेट का फैसला: कर्मयोगी योजना को मंजूरी दी

  • केंद्र सरकार ने 2 सितंबर 2020 को सिविल सेवाओं में कार्मिकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (NPCSCB) ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी दे दी है।
  • कर्मयोगी योजना से सिविल सेवा के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
  • केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरने वाले अधिकारी तैयार करना है।
  • योजना में भर्ती के बाद अधिकारियों को नई तकनीक और उनकी क्षमता पर ध्यान देने की कोशिश की जाएगी।
  • मिशन कर्मयोगी व्यक्तिगत (सिविल सेवकों) और संस्थागत क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री की मानव संसाधन परिषद होगी, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
  • मिशन कर्मयोगी का लक्ष्य भारतीय सिविल सेवकों को भविष्य के लिए और अधिक रचनात्मक, कल्पनाशील, अभिनव, सक्रिय, पेशेवर, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी तथा प्रौद्योगिकी कुशल बनाकर भविष्य के लिए तैयार करना है।

जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक को मंजूरी, उर्दू, कश्मीरी, डोगरी, हिंदी और अंग्रेजी जम्मू-कश्मीर की भाषाएं होंगी

  • केंद्रीय कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर के लिए राजभाषा बिल लाने को भी मंजूरी दी है।
  • इस बिल के तहत उर्दू, कश्मीरी, डोगरी, हिंदी और अंग्रेजी जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाएं होंगी।
  • सरकार ने यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद राज्य में समानता लाने के संदेश के साथ किया है।
  • सरकार के मुताबिक, इसे अब अमल में लाने के लिए संसद के सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा। यह सत्र 14 सितंबर से शुरू होने को है।
  • 5 अगस्त 2019 के बाद से ही राज्य में इन भाषाओं को आधिकारिक राजभाषा बनाने की मांग की जा रही थी।
  • डोगरी भाषा मूल रूप से जम्मू डिविजन में बोली जाती है।
  • 2001 में जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो डोगरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था।
  • एक रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 50 लाख के आसपास लोग डोगरी भाषा का उपयोग करते हैं।

आरपीएफ के तीन जवान जीवन रक्षा पदक पुरस्कार से सम्मानित

  • भारत के राष्ट्रपति ने तीन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों को जीवन रक्षा पदक पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक (मरणोपरांत) : स्वर्गीय जगबीर सिंह, कांस्टेबल / उत्तर रेलवे
  • उत्तम जीवन रक्षा पदक : शिवचरण सिंह, कांस्टेबल / पश्चिम रेलवे
  • उत्तम जीवन रक्षा पदक : मुकेश कुमार मीणा हेड कांस्टेबल / उत्तर पश्चिम रेलवे
  • जीवन रक्षा पदक पुरस्कार अशोक चक्र की वीरता पुरस्कारों की एक श्रृंखला है। इन्‍हें 1961 में स्थापित किया गया था।
  • यह पुरस्कार किसी व्यक्ति को दुर्घटनाओं, पानी में डूबने, प्राकृतिक आपदा, आग की घटनाओं आदि जैसे मामलों में किसी की जान बचाने के लिए दिया जाता है।
  • इसे तीन श्रेणियों – सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक में दिया जाता है।

भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और फिनलैंड के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

  • सरकार ने 2 सितंबर 2020 को भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और फिनलैंड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिए खान मंत्रालय के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग तथा फिनलैंड के रोजगार और आर्थिक मंत्रालय के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (जियोलॉजियन तुत्कीमुस्केस्कु) के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी है।
  • यह समझौता ज्ञापन भूविज्ञान, प्रशिक्षण, खनिज पूर्वानुमान और उपयुक्तता विश्लेषण, 3/4 डी मॉडलिंग, भूकंपीय और अन्य भूभौतिकीय सर्वेक्षणों के लिए दोनों संगठनों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत बनाएगा।
  • इस एमओयू का उद्देश्य परस्पर आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ के लिए प्रतिभागियों के बीच भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्रों में खोज और खनन को बढ़ावा देने, भूवैज्ञानिक आंकड़ा प्रबंधन और सूचना प्रसार पर अनुभव साझा करने के लिए परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर नियम और मंच उपलब्ध कराना है।
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GIC) भारत सरकार का एक प्रमुख भू-वैज्ञानिक संगठन है, जो राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक सूचनाओं का लगातार अद्यतन करने और खनिज संसाधनों के मूल्यांकन के मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है।

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