30 January 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

भारतीय नौसेना के एफएसी पोत टी-81 (T-81) को सेवामुक्त किया गया

  • दिल्ली-सुपर डीवोरा एमके-2श्रेणी के भारतीय नौसेना के फास्ट अटैक क्राफ्ट आईएन एफएसी टी -81 (IN FAC T-81) को 20 वर्षों से अधिक समय तक सफलतापूर्वक राष्ट्र की सेवा करने के बाद 28 जनवरी 2021 को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में सेवामुक्त कर दिया गया।
  • इजरायल के मैसर्स रामता के सहयोग से 60 टन विस्थापन क्षमता तथा 25 मीटर लंबा यह पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (Goa Shipyard Limited) में बनाया गया था।
  • गोवा के तत्कालीन गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब (सेवानिवृत्त) ने 05 जून 1999 को नौसेना में शामिल किया था।
  • इस पोत को विशेष रूप से उथले पानी के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह45 नॉट तक की गति प्राप्त करने के साथ-साथ दिन/रात की निगरानी करने एवं टोह लेने,खोज तथा बचाव करने, समुद्र तट तक पहुंचने, समुद्री कमांडो को सुरक्षित निकालने तथा घुसपैठियों के जहाजोंका शीघ्र पता लगाने में सक्षम था।

चीन ने पाकिस्तान के लिए दूसरा आधुनिक युद्धपोत (Warship) तैयार किया

  • चीन (China) ने अपने करीबी दोस्‍त पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बेहतर रडार प्रणाली और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस दूसरा नौसैनिक युद्धपोत (Warship) तैयार किया है।
  • पाकिस्तानी नौसेना ने 054 ए/ पी टाइप के चार लड़ाकू पोत के निर्माण के लिए 2017 में चीन से करार किया था।
  • इस करार के तहत पहला पोत पिछले साल अगस्त में तैयार हुआ था।
  • इस पोत से पाकिस्तान की समुद्री रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह पोत चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की नौसेना का मुख्य आधार है। उसके पास ऐसे 30 पोत हैं।
  • पाकिस्तान के लिए दूसरा लड़ाकू पोत 29 जनवरी 2021 को शंघाई (Shanghai) में तैयार किया गया। यह चीन का सबसे उन्नत फ्रिगेट(लड़ाकू पोत) है।

स्टार्स परियोजना को वित्तीय मदद के लिए डीईए और विश्व बैंक में करार

  • शिक्षा मंत्रालय की स्टार्स परियोजना (Strengthening Teaching-Learning and Results for States- STARS Project) के क्रियान्वयन को वित्तीय मदद देने के लिए आर्थिक मामलों के विभाग (Department OF Economic Affairs- DEA) और विश्व बैंक (World Bank) के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  • स्टार्स परियोजना की कुल लागत 5718 करोड़ रुपए है। पांच वर्ष की अवधि में विश्व बैंक इसमें 50 करोड़ डॉलर (करीब 3700 करोड़ रुपए) की वित्तीय सहायता देगा।
  • शेष राशि योजना में भागीदारी कर रहे राज्यों द्वारा राज्य अंश के रूप में दी जाएगी।
  • स्टार्स परियोजना शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अन्तर्गत नई केंद्रीय सहायता प्राप्त योजना के रूप में क्रियान्वित की जाएगी।
  • इस परियोजना में छह राज्य हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), राजस्थान, महाराष्ट्र (Maharashtra), मध्य प्रदेश, केरल और ओडिशा शामिल हैं।
  • कार्यक्रम में चुने गए राज्यों में भारतीय स्कूल व्यवस्था में समग्र निगरानी और अन्य गतिविधियों में हस्तक्षेप कर सुधार करने की परिकल्पना की गई है।
  • राज्य स्तर पर परियोजना का क्रियान्वन समग्र शिक्षा की समेकित राज्य क्रियान्वयन सोसाइटी के माध्यम से किया जाएगा।
  • परियोजना में वांछित परिणामों को हासिल करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान देकर प्रेरित किया जाएगा।

आईसीसी प्‍लेयर ऑफ द मंथ (ICC Player of the Month) पुरस्कार श्रेणी की घोषणा

  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council-ICC) ने ‘आईसीसी प्‍लेयर ऑफ द मंथ’ (ICC Player of the Month) नाम से एक नई पुरस्कार श्रेणी की घोषणा की है।
  • इस वर्ष से इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल महिला और पुरुष दोनों ही वर्गों में ‘आईसीसी प्‍लेयर ऑफ द मंथ’ की घोषणा करेगा।
  • इस पुरस्कार के चयनकर्त्ताओं के समूह में पूर्व खिलाड़ी, प्रसारणकर्त्ता और दुनिया भर के खेल पत्रकार शामिल होंगे।
  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) प्रतिमाह दोनों वर्गों (महिला और पुरुष) से तीन-तीन खिलाड़ियों को नामित करेगा, इनमें से प्रत्येक वर्ष एक-एक खिलाड़ी का इस पुरस्कार के लिए चयन होगा।
  • इस पुरस्कार का चयन पूर्ण रूप से एक माह के दौरान खिलाड़ी के प्रदर्शन पर आधारित होगा और इसमें ऑन-फील्ड प्रदर्शन तथा अन्य उपलब्धियां भी शामिल होंगी।
  • इस पुरस्कार की घोषणा प्रत्येक माह के दूसरे सोमवार को की जाएगी।
  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) 2004 से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट पुरस्कारों की घोषणा कर रही है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान करना और उन्हें मान्यता प्रदान करना है।
  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ये पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में प्रदान करती है, इनमें ‘क्रिकेटर ऑफ द इयर’, ‘टेस्ट प्लेयर ऑफ द इयर’ और ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द इयर’ आदि प्रमुख हैं।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील कुमार अवस्थी ने दिया इस्तीफा

  • मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील कुमार अवस्थी (Justice Sunil Kumar Awasthi) ने 2 जनवरी 2021 से पद से इस्तीफा दे दिया।
  • कानून मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 217 (1) (ए) के अनुसरण में न्यायमूर्ति अवस्थी ने अपना इस्तीफा दे दिया।
  • न्यायमूर्ति अवस्थी (Justice Awasthi) 1985 में सिविल जज द्वितीय के रूप में न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे।
  • 2016 में उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने से पहले न्यायिक अधिकारी के रूप में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न क्षमताओं में कार्य किया।
  • मार्च 2018 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।

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