23-24 August 2020 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2020)

अमेरिका: नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्‍सीन का चूहों पर प्रयोग सफल, अब ह्यूमन ट्रायल की तैयारी

  • वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) विकसित की है।
  • वैक्‍सीन की खुराक चूहों में संक्रमण को रोकने में प्रभावी रही है।
  • इससे रोग की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है, जिसके चलते कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश लग सकता है।
  • अगर यह प्रयोग मानव पर सफल रहा तो दुनिया में कोरोना के प्रसार को सीमित किया जा सकता है।
  • इससे कोरोना वायरस के कर्व को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
  • ये वैक्‍सीन (Vaccine) विशेष रूप से नाक और श्वसन तंत्र में काफी प्रभावी है। इसका मकसद संक्रमण को शरीर में होने से रोकना है।
  • शोधकर्ता इस वैक्‍सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसकी क्षमता का पता लग सके।
  • वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल के विशेषज्ञ माइकल एस डायमंड के अनुसार, वैक्‍सीन के प्रयोग ने चूहों को बीमारी से अच्‍छी तरह से संरक्षित किया है।
  • चूहों की प्रतिरक्षात्‍मक प्रणाली मजबूत होने के सबूत भी मिले हैं। इन चूहों को वायरस के संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।

स्टेम सेल से कार्टिलेज बनाने में सफलता मिली, इससे लंगड़ा चूहा भी सही चलने लगा

  • स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) से पीड़ित चूहों के जोड़ों में स्‍टेम सेल से नए कार्टिलेज विकसित करने में सफलता हासिल की है।
  • वैज्ञानिकों ने ऐसे स्टेम सेल (Stem Cell) का इस्तेमाल किया जो हड्डियों के कोनों में निष्क्रिय पड़ी थी।
  • वैज्ञानिकों ने इन्हें जागृत किया और विकसित होने के लिए प्रेरित किया।
  • यह शोध ऐसे चूहों पर किया गया जिनके घुटने में आर्थराइटिस (Arthritis) था। ऐसे चूहे भी शामिल किए जिनमें मानव हड्डी प्रत्यारोपित की गई थी।
  • दोनों ही स्थितियों में सामान्य कार्टिलेज विकसित हुए। कार्टिलेज विकससित होने के चूहों का लंगड़ापन खत्म हो गया।
  • यह शोध नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है।
  • 2018 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के चार्ल्स वॉक फई चान ने हड्डियों में ऐसी सुप्त स्टेम सेल खोजी थीं, जिनसे कार्टिलेज विकसित हो सकते थे। लेकिन तब इन्‍हें इन्हें जागृत करने की चुनौती थी।

75 करोड़ की जम्मू रोपवे परियोजना का काम पूरा; एक घंटे में 400 पर्यटक ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे

  • जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना का काम पूरा हो गया है। कोरोना काल के खत्म होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
  • रोपवे प्रतिघंटा 400 यात्रियों को ऊपर भेजने और नीचे लाने में सक्षम है।
  • इससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही काम बढ़ेगा तो युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
  • यह परियोजना दो हिस्सों में बांटी गई है। एक सेक्शन में बाहु फोर्ट और महामाया को जोड़ा गया है, जोकि 484 मीटर लंबी है।
  • वहीं दूसरे सेक्शन में महामाया मंदिर से पीरखो मंदिर को जोड़ा गया। इनके बीच की दूरी 1,184 मीटर है।
  • इस परियोजना में करीब 75 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। परियोजना के तहत पर्यटकों के लिए फन जोन्स और रेस्तरां की भी सुविधा रखी गई है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में 1.60 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू के विभिन्न पर्यटन और धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। 2019 में अगस्त तक 1.56 करोड़ पर्यटक जम्मू की सैर करके जा चुके थे।

राजस्‍थान में सीएम गहलोत ने कोचिंग हब सहित 25 योजनाएं शुरू कीं

  • राजस्‍थान में सीएम अशोक गहलोत ने 22 अगस्‍त 2020 को हाउसिंग बोर्ड की 25 परियोजनाओं का वीसी के जरिये एकसाथ शिलान्यास व शुभारंभ किया।
  • इनमें 14 आवासीय, 4 मुख्यमंत्री जनआवास और 7 अन्य परियोजनाएं रहीं।
  • इन योजनाओं के जरिये न केवल लोगों को छत मिलेगी, बल्कि सिटी पार्क, कोचिंग हब व चौपाटी जैसी परियोजनाएं उनके लिए लाभकारी होंगी।
  • मुख्यमंत्री ने जयपुर में कोचिंग हब, सिटी पार्क सहित 12 योजनाएं शुरू कीं और शिलान्यास किया, जबकि 13 योजनाएं जोधपुर, कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर सहित अन्य शहरों के लिए रहीं।

केंद्र ने थर्ड जेंडर के लिए राष्ट्रीय परिषद गठित किया

  • केंद्र ने थर्ड जेंडर के लोगों से जुड़ी हुई नीतियां, कार्यक्रम, कानून और परियोजना बनाने के लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन किया है, ताकि वे समानता हासिल कर सकें और इसमें पूरी तरह भागीदारी निभा सकें।
  • परिषद का गठन ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) कानून, 2019 के तहत किया है।
  • कानून के मुताबिक, परिषद का कार्य किन्नरों के संबंध में नीतियां, कार्यक्रम, कानून और परियोजनाएं बनाने में केंद्र को सलाह देना होगा।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समानता हासिल करने और पूरी तरह भागीदारी करने के लिए बनाई गई नीतियों और कार्यक्रमों की निगरानी करेगा।

सीईटी अब हिंदी, अंग्रेजी के साथ 10 अन्य भारतीय भाषाओं में भी होगी

  • केंद्र सरकार कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (Common Entrance Test-CET) अब हिंदी और अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि अन्य 10 भारतीय भाषाओं में भी आयोजित करने की योजना बना रही है।
  • इससे ऐसे युवाओं को बराबर अवसर प्राप्त होंगे, जो बैंकिंग, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और रेलवे जैसी नौकरियों की तैयारी करते हैं।
  • राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी नौकरी के चयन के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (National Recruitment Agency-NRA) द्वारा आयोजित की जाने वाली सामान्य पात्रता परीक्षा का लाभ उठा सकते हैं।
  • सीईटी स्कोर राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और बाद में निजी क्षेत्र की भर्ती एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा।

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