23 January 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

भारत का सबसे बड़ा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (Multi-Modal Logistics Park) गुजरात में बनेगा

  • भारत का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (Multi-Modal Logistics Park) गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद (Ahmedabad) में बनेगा, जो साणंद में ऑटोमोबाइल हब के निकट विरोचननगर में होगा।
  • राज्य सरकार के उद्योग और खनन विभाग ने अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) एंड एसईजेड लिमिटेड (SEZ Limited) के साथ विरोचननगर में 1450 एकड़ में 50 हजार करोड़ रुपए की संभावित लागत से बनने वाले लॉजिस्टिक पार्क (Logistics Park) बनाने के लिए करार (MoU) किया है।
  • इस पार्क के जरिए 25 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्‍यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (Vijay Rupani) की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उद्योग -खनन विभाग के सचिव एमके. दास और अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अदाणी ने हस्ताक्षर किए।
  • यह पार्क डेडिकेटेड कोरिडोर (Dedicated Corridor) एवं गुजरात के सभी बंदरगाहों (Harbour) के साथ जुडऩे वाला अत्याधुनिक सुविधा वाला पार्क होगा।
  • इस पार्क में एयर कार्गो टर्मिनल बनेगा, जिसमें 4.6 किलोमीटर लम्बा रन-वे होगा। इसके चलते बड़े मालवाहक विमान या हवाईजहाज हैंडल किए जा सकेंगे। इसके जरिए स्थानीय और एक्सपोर्ट मार्केट से कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • इस पार्क में रेल फ्रेट टर्मिनल भी होगा, जिसका दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कोरिडोर प्रोजेक्ट के तौर पर डेडिकेटेड फ्रेंट कोरिडोर से सीधी कनेक्टीविटी होगी।
  • 90 लाख वर्गमीटर में वेयर हाउस जोन विकसित होंगे, जो एयर फ्रेंट स्टेशन (4.5 मेट्रिक टन), ग्रे वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज समेत सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
  • 3 लाख वर्गफीट में बिजनेस सेन्टर एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव बल के लिए अलग से कौशल विकास सेन्टर भी स्थापित किया जाएगा।
  • पार्क में स्थापित होने वाले वेयर हाउस में 38 लाख वर्गफीट में टेक्सटाइल, बल्क, ई-कॉमर्स समेत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
  • साथ ही 9 लाख वर्गफीट में बॉण्डेड वेयर हाउस, 3.3 लाख क्षमता वाले कन्टेनर यार्ड में चार हैण्डलिंग लाइन के साथ ट्वेन्टी फुट इक्वीवेलन्ट्स (टीईयू) होंगे।
  • स्टील कार्गो यार्ड 4 लाख मेट्रिक टन, तीस हजार कार की क्षमता वाला यार्ड समेत सुविधाएं विकसित होंगी।

राजस्‍थान में सोल्यूशन माइनिंग का व्‍यावहारिक अध्‍ययन करने के लिए एमईसीएल, आरएसएमएमएल के बीच त्रिपक्षीय समझौता

  • राजस्‍थान में पोटाश (Potash) की खास खनन तकनीक यानी सोल्यूशन माइनिंग (Solution Mining) का व्‍यावहारिक अध्‍ययन करने के लिए मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MECL), राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) और राजस्‍थान सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग (DMG) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
  • इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी (Prahlad Joshi), केंद्रीय संसदीय मामलों और भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) तथा राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की उपस्थिति में वर्चुअल रूप से हस्ताक्षर किए गए।
  • इस समझौता ज्ञापन से सोल्‍यूशन माइनिंग (Solution Mining) के माध्‍यम से उप-सतही नमक जमा करने के लिए व्‍यवहारिक अध्ययन करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • राजस्थान (Rajasthan) के समृद्ध खनिज भंडार का उपयोग होगा, राज्‍य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा त‍था राज्‍य देश के पहले पोटाश सोल्‍यूशन माइनिंग के एक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
  • राजस्थान में नागौर-गंगानगर (Nagaur-Ganganagar) की 50 हजार वर्ग किलोमीटर की पट्टी में पोटश का भारी भंडार है।
  • भारतीय भूगर्भ सर्वे (जीएसआई) और एमईसीएल का अनुमान है कि इस इलाके में 247.66 करोड़ टन पोटाश और 2220 करोड़ टन हैलाइट (सेंधा नमक) उपलब्ध है।

निखिल श्रीवास्तव को माइकल और शीला हेल्ड (Michael and Sheila Held Prize) पुरस्‍कार

  • भारतीय युवा गणितज्ञ निखिल श्रीवास्तव (Nikhil Srivastava) को दो अन्य गणितज्ञों के साथ प्रतिष्ठित 2021 के ‘माइकल और शीला हेल्ड’ (Michael and Sheila Held Prize) पुरस्कार के संयुक्त विजेता के रूप में नामित किया गया है।
  • निखिल श्रीवास्तव को यह पुरस्कार कैडिसन-सिंगर समस्या (Kadison-Singer Problem) और रामानुजन ग्राफ (Ramanujan Graphs) पर लंबे समय से अनुत्तरित प्रश्नों को हल करने के लिए दिया जा रहा है।
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले (University of California, Berkeley) के निखिल श्रीवास्तव के अलावा स्विट्ज़रलैंड के एडम मार्कस (Adam Marcus) और अमेरिका के येल विश्वविद्यालय के डैनियल एलन स्पीलमैन (Daniel Alan Spielman) का भी इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया है।
  • ‘माइकल एंड शीला हेल्ड’ पुरस्कार कॉम्बीनेटोरियाल और डिस्क्रीट ऑप्टिमाइजेशन अथवा कंप्यूटर विज्ञान से संबंधित विषयों जैसे- एल्गोरिदम और कॉम्प्लेक्सिटी थ्योरी के क्षेत्रों में उत्कृष्ट, नवीन, रचनात्मक और प्रभावशाली अनुसंधान को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
  • इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को एक पदक और एक लाख अमेरिकी डॉलर की राशि दी जाती है। इस पुरस्कार की स्थापना 2017 में की गई थी।

राजस्थान मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission) के अध्यक्ष बने जस्टिस जीके व्यास

  • पूर्व न्यायाधीश जीके व्यास (GK Vyas) को राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने 22 जनवरी को उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किए।
  • भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी महेश गोयल (Mahesh Goyal) को मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है।
  • जस्टिस व्यास (Justice Vyas) ने 1981 में बीकानेर (Bikaner) से वकालत शुरू की थी। फिर 4 साल बाद जोधपुर चले गए और वहीं पर प्रैक्टिस करने लगे।
  • जस्टिस व्यास 13 जून 2005 को जज के पद पर नियुक्त हुए थे। तीन वर्ष पूर्व राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास तेरह साल जज के रूप में सेवाएं देने के बाद रिटायर हुए थे।

परमाणु हथियार निषेध संधि (Treaty on the Prohibition of Nuclear Weapons) लागू

  • परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि (Treaty on the Prohibition of Nuclear Weapons-TPNW) 22 जनवरी से लागू हुई। यह 2 दशकों से अधिक समय में पहली परमाणु निरस्त्रीकरण संधि है।
  • अंतरराष्‍ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन (International Red Cross and Red Crescent Movement) और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संधि का स्वागत किया है।
  • संधि को शुरू में 122 देशों ने समर्थन दिया था, लेकिन उनमें से सिर्फ 51 देशों ने उसके आधार पर राष्ट्रीय कानून पास किए हैं।
  • इस संधि पर 86 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं और उनमें से 51 ने इसकी पुष्टि भी की है। यह संधि सभी पीड़ितों को पुनर्वास, चिकित्सा देखभाल और मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था है।
  • यह संधि परमाणु उपयोग या परीक्षण से दूषित होने वाले क्षेत्रों की सफाई को भी अनिवार्य बनाती है।
  • परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि (Treaty on the Prohibition of Nuclear Weapons-TPNW) को जुलाई 2017 में अपनाया गया था। इस संधि का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों के उपयोग पर रोक लगाना है।
  • गौरतलब है कि परमाणु निरस्त्रीकरण संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक, अमेरिका और रूस ने परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भारत ने भी इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

राष्ट्रीय प्रवासन सहायता पोर्टल ‘श्रमशक्ति’ (‘Shram Shakti’ Portal) लॉन्‍च

  • जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने गोवा (Goa) के पंजिम (Panji) में एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय प्रवासन सहायता पोर्टल ‘श्रमशक्ति’ (‘Shram Shakti’ Portal) लॉन्च किया है।
  • पोर्टल प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के सुचारू रूप से निर्माण में सरकार की मदद करेगा।
  • श्रम शक्ति पोर्टल डेटा गैप को संबोधित करेगा और उन प्रवासी श्रमिकों को सशक्त करेगा जो आम तौर पर रोजगार और आय सृजन की तलाश में पलायन करते हैं।
  • सरकार आत्म निर्भर भारत के तहत कल्याण योजना के साथ प्रवासी आबादी को भी लिंक कर सकेगी।
  • मंत्री ने प्रवासी श्रमिकों के लिए एक प्रशिक्षण मैनुअल ‘श्रमसाथी’ भी लॉन्च की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आजीविका प्रवास की प्रक्रिया सुरक्षित और उत्पादक हो।

सड़क मंत्रालय, आईआईटी-रुड़की के बीच अनुसंधान एवं विकास के संबंध में समझौता

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways-MRTH) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT-Roorkee) ने राजमार्ग अवसंरचना विकास के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा पठन-पाठन एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए 22 जनवरी 2021 को एक समझौता किया है।
  • इसके तहत आईआईटी-रुड़की (IIT-Roorkee) में राजमार्ग अवसंरचना विकास के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा पठन-पाठन एवं प्रशिक्षण पर केन्द्रित एक प्रोफेसर पीठ की व्यवस्था जारी रखने पर सहमति हुई है।
  • इस समझौते पर मंत्रालय के सड़क विकास महानिदेशक और विशेष सचिव इंद्रेश कुमार पांडेय (Indresh Kumar Pandey) और आईआईटी-रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं उप-निदेशक प्रोफेसर मनोरंजन परीदा (Manoranjan Parida) ने हस्ताक्षर किए।
  • इस करार से राजमार्ग अवसंरचना विकास के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा पठन-पाठन एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा।

भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का निधन

  • ‘चलो बुलावा आया है’ और ‘तुने मुझे बुलाया शेरा वालीए’ जैसे भक्ति गीतों के लिए लोकप्रिय ‘भजन’ गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का 22 जनवरी को एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया।
  • देश की आजादी से पहले अमृतसर (Amritsar) के नमक मंडी में एक पंजाबी परिवार में जन्मे चंचल एक धार्मिक माहौल में पले-बढ़े, जिसने उन्हें बहुत ही कम उम्र से ही ‘भजन’ और ‘आरती’ गाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
  • 1973 में आई ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की पहली फ़िल्म ‘बॉबी’ के लिए ‘बेशक मंदिर मस्जिद’ गीत से हिंदी सिनेमा में प्रसिद्धि मिली।
  • इस गाने के लिए चंचल ने 1974 में फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का पुरस्कार जीता था।
  • चंचल ने 2009 में अपनी आत्मकथा ‘मिडनाइट सिंगर’ जारी की थी, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती संघर्षों और कठिनाइयों से लेकर अपनी उपलब्धियों तक का वर्णन किया है।

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