18 February 2021 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2021)

केंद्र ने टेलीकॉम उपकरण के लिए मंजूर की 12,195 करोड़ की पीएलआई स्कीम

  • केंद्र सरकार ने दूरसंचार (Telecom) उपकरण निर्माण के लिए 12,195 करोड़ रुपए की पीएलआई (Production Linked Incentive-PLI) स्कीम को मंजूरी दे दी है।
  • यह पीएलआई स्कीम एक अप्रैल 2021 से लागू होगी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • स्कीम के तहत मुख्य ट्रांसमिशन उपकरण, इंटरनेट एक्सेस में काम आनेवाले उपकरण, स्विच, राउटर, 4जी/5जी उपकरण, अगली पीढ़ी के रेडियो एक्सेस नेटवर्क से संबंधित उपकरण, वायरलेस उपकरण और एक्सेस एंड कस्टमर प्रिमाइसेस उपकरण बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • इस योजना से अगले पांच वर्षों में देश में 2.44 लाख करोड़ रुपए के दूरसंचार उपकरणों का उत्पादन होने की उम्‍मीद है।
  • इसके चलते देश से 1.95 लाख करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट हो सकेगा और 40 हजार नई नौकरियां तैयार होंगी।
  • साथ ही सरकार को 17 हजार करोड़ रुपए टैक्स के रूप में प्राप्त होंगे।
  • देश में सालाना आधार पर 50,000 करोड़ रुपए के दूरसंचार उपकरणों का आयात किया जाता है।
  • जल्द ही सरकार लैपटॉप और टैबलेट, पीसी जैसे आईटी प्रोडक्ट की लोकल मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए भी पीएलआई स्कीम लाएगी।

पीएम मोदी ने तमिलनाडु में तेल और गैस की कई प्रमुख परियोजनाओं की रखी नींव

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तमिलनाडु में तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की।
  • प्रधानमंत्री ने रामनाथपुरम-थूथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (Ramanathapuram – Thoothukudi Natural Gas Pipeline) और चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मनाली में गैसोलीन डीसल्‍फराइजेशन इकाई राष्ट्र को समर्पित की।
  • उन्होंने नागपट्टीनम में कावेरी बेसिन रिफाइनरी (Cauvery Basin Refinery) की आधारशिला भी रखी।
  • रामनाथपुरम- थन्नुकुडी खंड (143 किमी) को लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
  • यह ओएनजीसी गैस क्षेत्रों से गैस का उपयोग करने और उद्योगों और अन्य वाणिज्यिक ग्राहकों को फीडस्टॉक के रूप में प्राकृतिक गैस वितरित करने में सहायता करेगा
  • यह 4,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही एक बड़ी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना का एक हिस्सा है। इससे एन्नोर, थिरुवल्लूर, बेंगलुरु, पुदुचेरी, नागपट्टीनम, मदुरै और तूतीकोरिन को लाभ मिलेगा।

भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश के तीसरे संस्करण का विमोचन

  • केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत (Thawar Chand Gehlot) ने 17 फ़रवरी 2021 को 10,000 शब्दों (6,000 शब्द पहले से मौजूद) के साथ ‘भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language: ISL) के शब्दकोश का तीसरा संस्करण’ जारी किया।
  • शब्दकोश को भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (Indian Sign Language Research and Training Center-ISLRTC) ने तैयार किया है।
  • ISLRTC सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांग व्यक्तियों के विभाग (दिव्यांगजन सशक्तीकरण) के तहत एक स्वायत्त संस्थान है।
  • ISLRTC शब्दकोश का पहला संस्करण 23 मार्च 2018 को 3000 शब्दों के साथ और दूसरा संस्करण 6000 शब्द के साथ (पहले 3000 शब्द सहित) 27 फरवरी 2019 को लॉन्च किया गया था।
  • तीसरे संस्करण में रोजमर्रा के उपयोग के शब्द, अकादमिक शब्द, कानूनी और प्रशासनिक शब्द, चिकित्सा शब्द, तकनीकी शब्द और कृषि से संबंधित 10 हजार शब्द शामिल हो गए हैं।
  • शब्दकोश में देश के विभिन्न हिस्सों में उपयोग किए जाने वाले क्षेत्रीय संकेतों को भी शामिल किया गया है।

किशोर न्याय देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 में संशोधन के प्रस्ताव को 17 फरवरी 2021 को मंजूरी दे दी है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Zubin Irani) ने बताया कि इसके माध्यम से बच्चों के संरक्षण के ढांचे को जिलावार एवं प्रदेशवार मजबूत बनाने के उपाए किए गए हैं।
  • इन प्रस्तावित संशोधनों में जे जे अधिनियम की धारा 61 के तहत गोद लेने के मुद्दे को जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है ताकि ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके और जवाबदेही तय की जा सके।
  • इसके तहत जिला अधिकारियों को कानून के तहत निर्वाध अनुपालन सुनिश्चित करने और कठिनाई में पड़े बच्चों के लिए सुसंगत प्रयास करने के लिए अधिकार संपन्न किया गया है।

मंत्रिमंडल ने भारत व मॉरीशस के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौते को मंजूरी दी

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत (India) तथा मॉरीशस (Mauritius) के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौते (सीईसीपीए) किए जाने को 17 फरवरी 2021 को मंजूरी दे दी है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • भारत और मॉरीशस सीईसीपीए पहला व्यापार समझौता है, जो अफ्रीका के किसी देश के साथ किया जा रहा है।
  • यह एक सीमित समझौता है जिसके दायरे में वस्तुओं के व्यापार, मूल नियमों, सेवाओं में व्यापार, व्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी), स्वच्छता और पादप स्वच्छता (एसपीएस) उपायों, विवाद निपटान, नागरिकों के आवागमन, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और अन्य क्षेत्रों में सहयोग जैसे विषय आएंगे।
  • सीईसीपीए दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने और बेहतर बनाने के लिए एक संस्थागत तंत्र प्रदान करता है।
  • भारत और मॉरीशस के बीच सीईसीपीए में भारत के लिए 310 निर्यात वस्तुओं को शामिल किया गया है।
  • मॉरीशस को अपने 615 उत्पादों के लिए प्राथमिकता की आधार पर भारतीय बाजार में पहुंच से लाभ मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक बने अजय माथुर

  • अजय माथुर (Ajay Mathur) को अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance-ISA) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
  • माथुर उपेंद्र त्रिपाठी (Upendra Tripathi) का स्थान लेंगे, जो 2017 से महानिदेशक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
  • अजय माथुर वर्तमान में ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (The Energy and Resources Institute-TERI) के महानिदेशक और जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री की परिषद के सदस्य के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।
  • इसके अलावा वे 2006 से 2016 तक भारत सरकार में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के महानिदेशक के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।
  • अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance -ISA) भारत और फ्रांस द्वारा 2015 में शुरू की गई एक संयुक्त पहल है।
  • इसका उद्देश्य वित्तीय लागत एवं प्रौद्योगिकी लागत को कम करने के लिए आवश्यक संयुक्त प्रयास करना, बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पाद के लिए आवश्यक निवेश जुटाना तथा भविष्य की प्रौद्योगिकी के लिए उचित मार्ग तैयार करना है।

दुनिया की पहली उड़ने वाली हाइब्रिड कार को मिली मंजूरी

  • अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (Federal Aviation Administration) ने आसमान में 10 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकने में सक्षम हाइब्रिड कार को मंजूरी दे दी है।
  • इस कार को टेराफुगिया ट्रांजिशन (Terrafugia Transition) कंपनी ने बनाया है।
  • यह कार जमीन पर चल सकती है और हवा में भी उड़ सकती है।
  • इसके पंखों की साइज 27 फीट हैं।
  • 2022 तक दो सीट वाली हाइब्रिड कार का प्रोडक्शन होने लगेगा, लेकिन इसे चलाने वाले व्यक्ति के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और स्पोर्ट्स पायलट सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
  • इस कार की ताकत 100 हॉर्स पॉवर की है।
  • इसमें 912 आईएस सपोर्ट फ्यूल इंजेक्टेड इंजन है जिससे ये दस हजार फुट की ऊंचाई तक 160 किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से करीब 644 किमी. तक उड़ान भर सकती है।

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