करंट अफेयर्स: 15 जुलाई 2020

ईरान ने चाबहार रेल प्रोजेक्‍ट से भारत को बाहर किया, चीन के साथ 30 लाख करोड़ रुपए की डील करेगा

  • ईरान ने भारत को चाबहार (Chabahar) रेल परियोजना से बाहर करते हुए चीन के साथ 400 अरब डॉलर (करीब 30 लाख करोड़ रुपए) की डील की ओर कदम बढ़ाए हैं।
  • करार के 4 साल बाद भी भारत इस प्रोजेक्ट के लिए फंड नहीं दे रहा है, इसलिए ईरान अकेले ही चाबहार रेल परियोजना पूरी करेगा।
  • ईरान के ट्रांसपोर्ट और शहरी विकास मंत्री मोहम्‍मद इस्‍लामी ने हाल ही में 628 किमी लंबे रेलवे ट्रैक का उद्घाटन किया था। इस लाइन को अफगानिस्‍तान के जरांज सीमा तक बढ़ाया जाना है।
  • उल्लेखनीय है कि 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा के दौरान चाबहार रेल परियोजना के एमओयू किया गया था। प्रोजेक्ट पर करीब 1.6 अरब डॉलर का निवेश होना था।
  • इस परियोजना के तहत ईरान के चाबहार पोर्ट से लेकर जहेदान इलाके तक रेल परियोजना बनाई जानी है। प्रोजेक्ट मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है।

हेमांग अमीन बीसीसीआई के अंतरिम सीईओ बने

  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India-BCCI) ने हेमांग अमीन को अंतरिम सीईओ बनाया है। हेमांग अभी आईपीएल के सीओओ हैं।
  • हेमांग राहुल जौहरी की जगह लेंगे। बोर्ड ने 8 जुलाई 2020 को पूर्व सीईओ राहुल जौहरी इस्तीफा स्वीकार किया था।
  • अमीन जून 2010 में आईपीएल की संचालन टीम में शामिल हुए थे और उन्हें 2015 में आईपीएल के सीओओ के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • हेमांग अमीन ने पिछले साल आईपीएल का उद्घाटन समारोह आयोजित नहीं करने का निर्णय लेने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इसकी जगह पुलवामा के शहीदों के परिवारों को राशि दान की थी।

हरियाणा में बनेगा 20,000 करोड़ का आर्थिक कॉरिडोर, नितिन गडकरी ने किया शिलान्यास

  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 14 जुलाई 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आर्थिक कॉरिडोर के तहत 20 हजार करोड़ रुपए की लागत की 11 विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
  • एनएच 334बी के रोहना/हसनगढ़ से झज्जर खंड तक 35.45 किलोमीटर लंबे 4 लेन मार्ग का निर्माण – लागत 1183 करोड़
  • NH 71 के पंजाबहरियाणा सीमा से जींद खंड तक 70 किलोमीटर लंबे मार्ग को 4 लेन करना – लागत 857 करोड़
  • एनएच 709 पर पेव्ड शोल्डर्स के साथ 85.36 किलोमीटर के 2 लेन जींद-करनाल मार्ग का निर्माण – लागत 200 करोड़
  • इस्माइलपुर से नारनौल तक 6 लेन का 227 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण – लागत 8560 करोड़
  • एनएच 352 डब्ल्यू का 46 किलोमीटर लंबा 4 लेन गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी खंड का निर्माण – लागत 1524 करोड़
  • 14.4 किलोमीटर लंबे 4 लेन रेवाड़ी बाईपास का निर्माण – लागत 928 करोड़
  • एनएच 11 पर 30.45 किलोमीटर लंबे 4 लेन रेवाड़ी-अटेली मंडी खंड का निर्माण – लागत 1057 करोड़
  • 40.8 किलोमीटर के एनएच 11, एनएच 148बी पर नारनौल बाईपास, और एनएच 11 पर नारनौल से अटेली मंडी खंड का निर्माण – लागत 1380 करोड़
  • एनएच 352ए के 40.6 किलोमीटर के 4 लेन जींद-गोहाना (पैकेज 1, ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट) मार्ग का निर्माण – लागत 1207 करोड़
  • NH 352ए के 38.23 किलोमीटर के 4 लेन गोहाना-सोनीपत खंड का निर्माण – लागत 1502 करोड़
  • एनएच 334बी पर 40.74 किलोमीटर लंबे 4 लेन के उत्तर प्रदेश- हरियाणा सीमा से रोहा तक का निर्माण – लागत 1509 करोड़ रुपए

कोलकाता पोर्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में आधुनिक अग्निशमन सुविधाओं के लिए 107 करोड़ रुपए मंजूर

  • केंद्रीय पोत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने कोलकाता पोर्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (Haldia Dock Complex) के पांच घाटों (जेटी) पर आधुनिक अग्निशमन सुविधाओं के उन्नयन के लिए 107 करोड़ रुपये मंजूर किए है।
  • हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में अग्निशमन की आधुनिक सुविधा से पेट्रो-केमिकल उत्पादों की आवाजाही के सुरक्षित संचालन में मदद मिलेगी।
  • कोलकाता बंदरगाह देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों में से एक है।

इसरो प्रमुख के. सिवन को मिलेगा 2020 का ‘वॉन कर्मन अवॉर्ड’

  • इसरो (ISRO) प्रमुख डॉ के. सिवन को इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एस्ट्रोनॉटिक्स (International Academy of Astronautics-IAA) के 2020 वॉन कर्मन अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
  • मार्च 2021, पेरिस में सिवन को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
  • इससे पहले चार्ल्स इलाची (Charles Elachi) इस पुरस्कार से सम्मानित किए गए थे।
  • International Academy of Astronautics-IAA की स्थापना वॉन कर्मन द्वारा की गई थी। कर्मन इस संगठन के पहले अध्यक्ष थे।
  • वॉन कर्मन पुरस्कार की शुरुआत 1982 में हुई। यह अकादमी का प्रमुख पुरस्कार है।
  • ‘वॉन कर्मन अवॉर्ड’ थियोडोर वॉन कर्मन के नाम पर रखा गया था, जो एक एयरोस्पेस (Aerospace) इंजीनियर थे और विशेष रूप से वायुगतिकी (Aerodynamics) में अपनी प्रमुख प्रगति के लिए जाने जाते थे।

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