11 August 2020 : करंट अफेयर्स (Current Affairs 2020)

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए पहली ऑप्टिकल फाइबर केबल (Optical Fiber Cable) सुविधा का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2020 को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए पहली ऑप्टिकल फाइबर केबल (Optical Fiber Cable) सुविधा का उद्घाटन किया।
  • यह केबल समुद्र के अंदर से बिछाई गई है। इससे क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं, पर्यटन और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • पीएम ने ही 30 दिसंबर 2018 को 2312 किमी लंबी चेन्नई से अंडमान-निकोबार द्वीप के पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने वाली इस परियोजना की शुरुआत की थी।
  • इसकी लागत 1,224 करोड़ रुपए है।
  • पोर्ट ब्लेयर के साथ ही यह सेवा स्वराज द्वीप, लांग आइलैंड, रंगत, लिटिल अंडमान, कारमोटा, कार निकोबार और ग्रेटर निकोबार को भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।
  • देश की दूरसंचार कंपनियां अब इस आप्टिकल फाइबर केबल के जरिये अपनी मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाएं इस द्वीप समूह में उपलब्ध करा सकेंगी।
  • पोर्ट ब्लेयर पर अब 400 गीगाबाइट प्रति सेकंड की गति से इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध होंगी। अन्य द्वीप समूहों में यह 200 गीगाबाइट प्रति सेकंड की रफ्तार से उपलब्ध होंगी।

महाराष्ट्र के माथेरान में तितलियों की 77 नई प्रजातियों की खोज

  • 125 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मुंबई के निकट स्थित खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्र माथेरान में तितलियों की 77 नई प्रजातियां खोजी गई है। इसके साथ ही माथेरान जंगल में तितलियों की प्रजातियों की संख्या 140 हो गई है।
  • माथेरान महाराष्ट्र की राजधानी से 80 किलोमीटर की दूरी पर है और यह इलाका 214.73 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
  • यह खोज बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (Bombay Natural History Society-BNHS) और सोमैया विद्या विहार विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।
  • इसका पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने पिछले आठ वर्ष (2011 से 2019) तक अध्ययन किया।
  • यह अध्ययन ‘बायोवर्सिटी डेटा जर्नल’ में प्रकाशित किया गया है।
  • इससे पहले 1894 में ब्रिटेन के शोधकर्ता जीए बेथम ने माथेरान के पर्वतीय क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर 78 प्रजातियों की पहचान की थी।
  • बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी की स्‍थापना 15 सितंबर 1883 को गई थी। इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है।

विश्व जैव ईंधन दिवस (World Biofuel Day)

  • पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में गैर-जीवाश्म ईंधनों को लेकर जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 अगस्त को विश्व जैव ईंधन दिवस (World Biofuel Day) मनाया जाता है।
  • भारत में इस दिवस का आयोजन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से 2015 से किया जा रहा है।
  • इस दिवस का आयोजन मुख्य तौर पर गैर-जीवाश्म ईंधनों को लेकर जागरुकता फैलाने के साथ-साथ इस संबंध में सरकार द्वारा किए गए विभिन्‍न प्रयासों पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से भी किया जाता है।
  • 10 अगस्त, 2020 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से ‘जैव ईंधन की ओर आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
  • 10 अगस्त का दिन सर रूडोल्‍फ डीज़ल (Rudolf Diesel) द्वारा किए गए अनुसंधान प्रयोगों को भी सम्‍मान प्रदान करता है, जिन्होंने 1893 में मूंगफली के तेल से इंजन चलाया था।
  • उनके अनुसंधान से यह सिद्ध हो गया था कि वनस्‍पति तेल अगली शताब्‍दी में विभिन्‍न मशीनी इंजनों के ईंधन के लिए जीवाष्‍म ईंधनों का विकल्प बनेगा।

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